गणेशोत्सवात नागरिकांसाठी आरोग्य शिबिर; मोरया गणेश व विराट गणेश मंडळाचा अभिनव उपक्रम.

गणेशोत्सवात नागरिकांसाठी आरोग्य शिबिर; मोरया गणेश व विराट गणेश मंडळाचा  अभिनव उपक्रम.  गणेश मंडळाचे अध्यक्ष व नगरसेवक बंडू देऊळकर व आपला दवाखाना यांच्या संयुक्त विद्यमाने समाज उपयोगी उपक्रम. विराट गणेश मंडळाकडून मोफत हेल्थ चेकअपचा लाभ घेण्याचे आवाहन. वरोरा : गणेशोत्सवाच्या उत्साहाला समाजसेवेची जोड देत मोरया गणेश मंडळ, छत्रपती शिवाजी चौक आणि शहरी आरोग्यवर्धिनी केंद्र, टिळक वॉर्ड क्रमांक ३, वरोरा यांच्या संयुक्त विद्यमाने प्रभाग क्रमांक २ मध्ये आरोग्य तपासणी शिबिराचे आयोजन करण्यात आले. या शिबिराला नागरिकांचा उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला. शिबिरात एकूण १११ नागरिकांची आरोग्य तपासणी करण्यात आली. यामध्ये ७० पुरुष आणि ४१ महिलांचा समावेश होता. नागरिकांची बीपी, शुगर तसेच आवश्यक रक्त तपासणी करण्यात आली. तपासणीनंतर संबंधित नागरिकांना पुढील उपचाराबाबत मार्गदर्शन करण्यात आले. नियमित आरोग्य तपासणी करून आरोग्याबाबत सजग राहण्याचे आवाहनही यावेळी करण्यात आले. शिबिरासाठी डॉ. गोविंद सिंग, वैभव ठाकरे, ओम उगले, सेजल बोरकर (टेक्निकल लॅब), समृद्धी दडमल (टेक्निकल लॅब), महादेव क...

इकोप्रो द्वारा बर्डवाचिंग और जागरूकता अभियान

इकोप्रो द्वारा बर्डवाचिंग और जागरूकता अभियान

भद्रावती : पद्म भूषण डॉक्टर सलीम अली और साथ ही पक्षी संरक्षण के लिए अपने बहुमूल्य कार्य के लिए सेवानिवृत्त वन अधिकारी श्री मारुति चितमपल्ली के जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए 5 से 12 नवंबर तक पक्षी सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इसी कारण से इको-प्रो भद्रावती द्वारा बर्ड वीक मनाया जा रहा है। इस दौरान शहर के पास और तालुक में कुछ पक्षियों के लिए पक्षी निगरानी और जन जागरूकता की जाएगी। दिनांक 5 नवंबर को घोड़पेठ झील, 6 नवंबर ला दुधाळा और लोडारा झीलें, दिनांक 7 नवंबर को चिंतामणि तलाव, दिनांक 8 नवंबर को मल्हारा तलाव, दि.9 नवंबर, ला विजासन तलाव, दिनांक 10 नवंबर को घोट- निम्बाला झील, 11 नवंबर को डोलारा झील और 12 नवंबर ला गौराळा झील पर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8.30 बजे तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है।बर्ड वॉचिंग के साथ-साथ प्रकृति में पक्षियों के महत्व, लुप्तप्राय पक्षियों और उनके आवासों का संरक्षण, प्रवासी पक्षियों के आवासों की सुरक्षा के साथ-साथ पक्षी संरक्षण और संरक्षण कानूनों की जानकारी आम जनता को दी जाएंगी। ठंड (सर्दी) शुरू होते ही अलग-अलग क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी आ जाते हैं। साल भर छिपे इन रंगीन पक्षियों को देखने, अध्ययन करने और संरक्षित करने का यह एक सुनहरा अवसर है। स्थानीय पार्टी के साथ-साथ इन यात्रा दलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की होती है, इसलिए इको-प्रो छात्रों, सामाजिक संगठनों, पक्षी विज्ञानियों के साथ-साथ आम नागरिकों से पिछले साल की तरह बड़ी संख्या में इस गतिविधि में भाग लेने की अपील कर रहा है।

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