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प्रति  माननीय गटशिक्षण अधिकारी साहेब, पंचायत समिती वरोरा जिल्हा चंद्रपूर. विषय-अंशकालीन निदेशक नेमणूक करताना होत असलेल्या अन्यायाबाबत. अर्जदार- विशाखा विलास गुजर टिळकवाड वरोरा जिल्हा चंद्रपूर, संपर्क ९५७९७३४२२९.  महोदय. मी सौ विशाखा विलास गुजर (लुतडे) राहणार वरोरा. सध्या मी पीएम श्री जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळा, आनंदवन येथे सन २०१२ पासून २०१९ पर्यंत अंशकालीन निदेशक पदावर कार्यरत होते. सन २०२५-२६ या शैक्षणिक वर्षासाठी शाळा व्यवस्थापन समितीच्या मार्फत गुणांकन व मुलाखत प्रक्रियेनंतर दिनांक १९/७/ २०२५ रोजी मला अंशकालीन कला निदेशक पदावर पुन्हा नियुक्ती करण्यात आले होते. या पदावर माझी मेरिट पद्धतीने निवड करण्यात आली होती.  मात्र एका महिन्याच्या आतच गटशिक्षण अधिकारी यांच्या आदेशान्वये केंद्रप्रमुख व मुख्याध्यापक यांच्या सहीचे पत्र मला प्राप्त झाले ज्या द्वारे माझी नियुक्ती ७/८/२०२५ पासून रद्द करण्यात आल्याचे लेखी स्वरूपात कळविण्यात आले त्यामुळे मला मानसिक त्रास सहन करावा लागला . मी २०१६ पासून पीएम श्री जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळा आनंदवन शाळेमध्ये कला निदेशक पदावर कार्यरत...

राजस्थानी महिलाओं द्वारा मनाया गया करवाचौथ का पर्व.

राजस्थानी महिलाओं द्वारा मनाया गया करवाचौथ का पर्व.

भद्रावती: आज सुहागिनीओ द्वारा महापर्व करवा चौथ है. हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला यह एक खास व्रत है. भद्रावती राजस्थानी महिला मंडल द्वारा यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया करवा चौथ के पर्व में सुहागिनी महिलाएं सूर्योदय से लेकर शाम के चंद्रोदय होने तक व्रत रखती है. करवा चौथ में महिलाएं दिनभर निराहार और निर्जला व्रत रखते हुए अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती है दिनभर उपवास रखते हुए शाम के समय करवा माता की पूजा आरती और कथा सुनती है. इसके बाद शाम को चंद्रमा निकलने का इंतजार करती है, और जब चांद के दर्शन होते हैं तभी सुहागिनी महिलाएं चंद्रमा को अर्ध देते हुए अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती है. सभी महिलाएं व्रत पूरा करने के बाद अपने सास ससुर और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हुए करवा चौथ का पालन करती है.यह व्रत सिर्फ सुहागिन महिलाओं द्वारा ही किया जाता है जिन कन्याओं का हाल ही में विवाह हुआ है वह कन्याए इस व्रत की शुरुआत करवा चौथ से करती है. इस दिन नए से शादी हुए कन्याओं के घर से करवे शक्कर भरकर और सुहाग की भरपूर सामग्री और कपड़े भेंट स्वरूप लड़की के माता-पिता द्वारा उसके ससुराल भेजे जाते हैं .करवा चौथ के दिन से ही सुहागिन बनी कन्याए पूरे वर्ष भर के चतुर्थी की शुरुआत करती है और अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती है.

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