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प्रति  माननीय गटशिक्षण अधिकारी साहेब, पंचायत समिती वरोरा जिल्हा चंद्रपूर. विषय-अंशकालीन निदेशक नेमणूक करताना होत असलेल्या अन्यायाबाबत. अर्जदार- विशाखा विलास गुजर टिळकवाड वरोरा जिल्हा चंद्रपूर, संपर्क ९५७९७३४२२९.  महोदय. मी सौ विशाखा विलास गुजर (लुतडे) राहणार वरोरा. सध्या मी पीएम श्री जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळा, आनंदवन येथे सन २०१२ पासून २०१९ पर्यंत अंशकालीन निदेशक पदावर कार्यरत होते. सन २०२५-२६ या शैक्षणिक वर्षासाठी शाळा व्यवस्थापन समितीच्या मार्फत गुणांकन व मुलाखत प्रक्रियेनंतर दिनांक १९/७/ २०२५ रोजी मला अंशकालीन कला निदेशक पदावर पुन्हा नियुक्ती करण्यात आले होते. या पदावर माझी मेरिट पद्धतीने निवड करण्यात आली होती.  मात्र एका महिन्याच्या आतच गटशिक्षण अधिकारी यांच्या आदेशान्वये केंद्रप्रमुख व मुख्याध्यापक यांच्या सहीचे पत्र मला प्राप्त झाले ज्या द्वारे माझी नियुक्ती ७/८/२०२५ पासून रद्द करण्यात आल्याचे लेखी स्वरूपात कळविण्यात आले त्यामुळे मला मानसिक त्रास सहन करावा लागला . मी २०१६ पासून पीएम श्री जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळा आनंदवन शाळेमध्ये कला निदेशक पदावर कार्यरत...

देढ़ साल की बच्ची पर तेंदुए ने मारा पंजा , ऐसी बची जान

देढ़ साल की बच्ची पर तेंदुए ने मारा पंजा , ऐसी बची जान
भद्रावती शहर के पास में आयुध निर्माणी चांदा परिसर है। और यह परिसर ताडोबा के जंगल से लगा हुआ है। जिस कारण यहां पर आए दिन जंगली जानवरों द्वारा मनुष्य पर और जानवरों पर हमले होने की खबरें प्राप्त होती रहती है। अभी कुछ दिन पहले ही आयुध निर्माणी परिसर के सेक्टर 4 में एक छोटी बच्ची पर तेंदुए ने हमला करके उसे घायल कर दिया था। वन विभाग द्वारा तेंदुए को जंगल में भगाने की पूरी कोशिश की गई थी।लेकिन अब वह तेंदुआ जंगल में भागा या नहीं भागा  इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है।
और ऐसे में कल शाम 7:30 बजे आयुध निर्माणी के सेक्टर 2 परिसर में एक डेढ़ साल की बच्ची पर तेंदुए ने फिर से हमला करके उसे घायल कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार विनोद गायकवाड भोजन करने के पश्चात अपने क्वार्टर के बाहर अपनी छोटी गुड़िया को लेकर खेल रहे थे। पिता बच्ची के पास होने के कारण बच्ची की जान बची।कुछ पल के लिए उनकी नजर अपने गुड़िया पर से हटी इतने में बाजू से एक तेंदुए ने आकर उस बच्ची पर हमला कर दिया। किस्मत से विदिशा के पिताजी की नजर तेंदुए पर गई और छोटी बच्ची भी जोर से चीखी इस वजह से क्वार्टर के आजू बाजू के लोग भी वहां पर आ पहुंचे उनका शोर सुनकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। लोहे का गेट लगा होने के कारण विदिशा की जान बची अन्यथा तेंदुआ उसे अपना  शिकार बना ही लेता था।लोहे के गेट में से तेंदुए ने अपने दोनों पंजों से विदिशा को अपनी तरफ खींचा। लेकिन उसकी चीख के कारण उसकी और उसके पिता का ध्यान गया और वह भी जोर से जीखे जिस वजह से तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।घायल विदिशा को दवाखाने ले जाया गया। और इस बात की जानकारी वन विभाग को दे दी गई वन विभाग के विभागीय अधिकारी हरिदास शेंडे अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।और तेंदुए को भगाने का प्रयास किया गया।वन विभाग द्वारा तेंदुए को पकड़ने हेतु एक पिंजरा लगाया गया है।और चंद्रपुर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आज घटनास्थल का मुआयना करके और पिंजरे लगाने की बात कही जा रही है। जिस वजह से आगे यह तेंदुआ किसे भी अपना शिकार ना बना पाए। परिसर में रहने वाले नागरिकों का कहना है कि वन विभाग द्वारा शाम से ही अपनी टीम द्वारा गश्त लगाई जाए।इस वजह से जानवरों के हमले में कुछ कमी आएगी।

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